फिल्म रिव्यू: ना कहानी ना अदाकारी, सिर्फ़ दिखावा है ‘स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2’

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सिनेमा – स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2

सिनेमा प्रकार – ड्रामा

कलाकार – टाइगर श्रॉफ, अनन्या पांडे, तारा सुतारिया

निर्देशक – पुनीत मल्होत्रा

अवधी- 2 घंटे 30 मिनट

प्रस्तावना

बॉलीवुड की कामयाब फिल्म स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर के सिक्वल स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2 की चर्चा कई दिनों से लगातार जरी थी। आख़िरकार फिल्म रिलीज़ हो गई है। आइये जानते हैं फिल्म आपका मनोरंजन कर पाएगी या नहीं

कहानी

प्रेम त्रिकोण पर आधारित स्टूडेंट ऑफ़ द ईयर 2 की कहानी रोहन (टाइगर श्रॉफ) से शुरू होती है। रोहन देहरादून के नामी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। जहां वो नाचता है, गाता है, उछलता और कूदता भी है। और हाँ डायलॉग भी बोलता है लेकिन बिना एक्सप्रेशन के। मिया (तारा सुतारिया) उसका प्यार होता है। पर दूसरे हिस्से में श्रेया (अनन्या पांडे) से उसे प्यार हो जाता है। फिर मिया वापस आ जाती है। आगे क्या होता है ? रोहन मिया का होता है या श्रेया का ? यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

अदाकारी

एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ की अदाकारी इसमें कमज़ोर है। बिना एक्सप्रेशन के उनके डायलॉग भी बदमज़ा लगते हैं। तारा सुतारिया प्रभावित नहीं कर पाई हैं जबकि अनन्या में वो बात नज़र आती है। बाकी कलाकारों ने भी ठीक ठाक अदाकारी की है।

निर्देशन

पुनीत मल्होत्रा का निर्देशन ठीक ठाक है। यह और बेहतर हो सकता था।

संगीत

विशाल शेखर ने सीलम का संगीत दिया है। जो सुनने में अच्छा लगता है लकिन यादगार नहीं हो सकता। सलीम सुलेमान का बैकग्राउंड स्कोर भी ठीक-ठाक है।

ख़ास बातें

1 ऐसा कॉलेज देखने में अच्छा लगता है।

2 कुछ दृश्य मनोरंजन करते हैं।

कमज़ोर कड़ियाँ

1 कहानी कमज़ोर और बेमकसद है।

2 अदाकारी बहुत कमज़ोर है।

3 फिल्म बहुत बड़ी है।

देखें या ना देखें

ऊपर दी गई जानकरी के अनुसार सोच समझकर निर्णय लें।

रेटिंग

2/5